हिंदी कहानी मजेदार- बिल्ली और चूहे की दोस्ती
हिंदी कहानी मजेदार- बिल्ली और चूहे की दोस्ती
यह हिंदी कहानी मजेदार- बिल्ली और चूहे की दोस्ती पढ़ कर आपको मजा भी आयेगा और अच्छी सीख भी मिलेगी I एक गाँव में गिन्नी नाम की एक प्यारी बिल्ली रहती थी। गिन्नी हमेशा गाँव के आसपास घूमती रहती थी और अपनी मस्ती में मस्त रहती थी। पर उसकी एक अजीब आदत थी – उसे चूहों को पकड़ने और उनके पीछे दौड़ने में बड़ा मजा आता था। गाँव के सारे चूहे उससे डरते थे और उसकी परछाई से भी दूर भागते थे।
एक दिन गाँव में एक नन्हा और बुद्धिमान चूहा आया। उसका नाम था चिंटू। चिंटू समझदार था और बहुत ही चालाक भी। उसने गाँव के चूहों से गिन्नी के बारे में सुना और सोचा कि क्यों न वो गिन्नी के साथ दोस्ती करे। इससे उसकी और गाँव के बाकी चूहों की जान सुरक्षित रह सकती है। यह हिंदी कहानी मजेदार- बिल्ली और चूहे की दोस्ती, चूहे की समझदारी और बुद्धिमानी की दर्शाती है I
चिंटू ने गिन्नी से मिलने का निर्णय लिया। वो धीरे-धीरे गिन्नी के पास गया और बोला, “गिन्नी, क्या तुम मेरी दोस्त बनोगी?”
गिन्नी को पहले तो हंसी आई, पर फिर उसने सोचा, “यह छोटा सा चूहा मुझसे दोस्ती क्यों करना चाहता है?” उसने हँसते हुए कहा, “तुम और मैं दोस्त? तुम मुझसे डरते नहीं हो क्या?”
चिंटू ने हिम्मत से कहा, “डरता हूँ, पर दोस्ती में डर कैसा? अगर हम दोस्त बन जाएँगे तो एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं।”
गिन्नी को उसकी बात कुछ समझ में आई और उसने सोचा कि शायद इस दोस्ती में कुछ मजा आ सकता है। उन्होंने एक-दूसरे से वादा किया कि वो एक-दूसरे के साथ ईमानदारी और भरोसे के साथ रहेंगे।
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समय बीतता गया और गिन्नी और चिंटू की दोस्ती गहरी हो गई। गिन्नी ने कभी उसे खाने का विचार नहीं किया, और चिंटू ने भी गिन्नी की मदद की। एक बार गाँव में एक जंगली कुत्ते का आतंक फैल गया। वह कुत्ता बहुत खतरनाक था और उसने कई जानवरों को घायल कर दिया था। उस कुत्ते से बचना मुश्किल हो गया था।
एक दिन गिन्नी उस कुत्ते के सामने आ गई। गिन्नी का कोई सहारा नहीं था, तभी चिंटू ने अपने साथियों के साथ मिलकर कुत्ते का ध्यान भटकाया। सब चूहों ने मिलकर इतनी चालाकी से कुत्ते को परेशान किया कि कुत्ता भागने पर मजबूर हो गया। इस तरह चिंटू और उसके साथियों ने गिन्नी की जान बचाई।
गिन्नी की आँखों में आंसू थे। उसने चिंटू से कहा, “आज तुमने मेरी जान बचाई। मैं तुम्हारी सच्ची दोस्ती की कदर करती हूँ।”
चिंटू मुस्कराया और बोला, “दोस्ती का मतलब यही होता है – बिना किसी स्वार्थ के एक-दूसरे की मदद करना।”
सीख :- यह हिंदी कहानी मजेदार- बिल्ली और चूहे की दोस्ती हमें सिखाती है कि सच्ची दोस्ती में जाति, रूप, आकार, और डर जैसी चीजें मायने नहीं रखतीं। सच्चे दोस्त वही होते हैं जो मुश्किल समय में बिना किसी स्वार्थ के एक-दूसरे का साथ निभाते हैं।