Hindi Story Panchtantra- दोस्ती का मतलब

Hindi Story Panchtantra- दोस्ती का मतलब

Hindi Story Panchtantra
Hindi Story Panchtantra

Hindi Story Panchtantra- दोस्ती का मतलब

यह Hindi Story Panchtantra एक चूहे और मेंढक की दोस्ती के बारे मे है I बहुत समय पहले की बात है, एक घना जंगल था जहाँ हर प्रकार के जीव रहते थे। इस जंगल में एक छोटा सा चूहा और एक मेंढक एक-दूसरे के अच्छे दोस्त थे। वे रोज़ साथ में घूमते, खेलते और अपने मन की बातें साझा करते। चूहा जमीन पर रहता था, और मेंढक पानी में। उनके घर अलग-अलग थे, पर उनकी दोस्ती में कोई कमी नहीं थी।

मेंढक बहुत शरारती था और चूहे से मस्ती करने का कोई मौका नहीं छोड़ता था। एक दिन उसने सोचा, “चलो कुछ नया करते हैं। क्यों न चूहे को अपने साथ तालाब में ले जाऊं? यह बहुत मजेदार होगा।” उसने अपना विचार चूहे को बताया। चूहा पहले तो डरा, लेकिन मेंढक के कहने पर मान गया।

मेंढक ने एक रस्सी निकाली और चूहे का एक पैर अपने पैर से बांध दिया। दोनों हँसी-खुशी चल दिए। चूहा जमीन पर उछलता-कूदता जा रहा था, और मेंढक पानी में गोते लगा रहा था। दोनों को इस नए अनुभव में बहुत मजा आ रहा था।

पर थोड़ी देर में मेंढक ने अपनी शरारत में कुछ ज्यादा ही मस्ती करना शुरू कर दी। उसने सोचा, “चलो, अब तालाब के बीच में चलते हैं।” वह चूहे को घसीटता हुआ तालाब के गहरे हिस्से की ओर बढ़ने लगा। चूहे ने घबराकर कहा, “अरे, रुको मेंढक! मुझे तैरना नहीं आता। मुझे डर लग रहा है।” पर मेंढक को मजा आ रहा था। वह चूहे की परवाह किए बिना तालाब में और गहराई तक जाने लगा।

अब चूहा बुरी तरह डर गया था। पानी उसकी गर्दन तक पहुँच चुका था और वह हाँफने लगा। उसने चिल्लाते हुए कहा, “मेंढक, मुझे वापस किनारे पर ले चलो! मैं तैर नहीं सकता, मैं डूब जाऊँगा।” लेकिन मेंढक को बस अपनी मस्ती और शरारत की पड़ी थी। वह बोला, “अरे, डरो मत, सब ठीक है। मैं हूँ न!” और वह हँसते हुए पानी के भीतर गोते लगाने लगा। यह Hindi Story Panchtantra मेंढक की लापरवाही को दर्शाती है I

अब चूहे की हालत बहुत खराब हो चुकी थी। वह अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था। अचानक, एक बाज ने तालाब के ऊपर से उड़ान भरते हुए देखा कि पानी में कुछ अजीब-सा हलचल हो रही है। उसकी नजर चूहे पर पड़ी, जो पानी में हाथ-पांव मार रहा था। बाज ने सोचा, “अरे! ये तो मेरे शिकार का मौका है।”

यह भी पढ़े >> बिल्ली और चूहे की दोस्ती

बाज ने झपट्टा मारा और अपने तेज पंजों से चूहे को पकड़ लिया। चूहे की चीख सुनकर मेंढक को होश आया और उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी। चूहा और मेंढक दोनों ही बाज के पंजों में फँस गए थे क्योंकि दोनों की टांगे रस्सी से बंधी हुई थीं।

बाज दोनों को लेकर एक ऊँचे पेड़ की तरफ उड़ चला। मेंढक बुरी तरह डर गया और उसे समझ में आ गया कि उसकी शरारत ने न सिर्फ चूहे को, बल्कि उसे भी खतरे में डाल दिया है। उसने चूहे से माफी मांगते हुए कहा, “मुझे माफ कर दो दोस्त। यह सब मेरी गलती है। मैं बस मस्ती कर रहा था, मुझे नहीं पता था कि बात इतनी बढ़ जाएगी।”

चूहे ने कमजोर आवाज में कहा, “तुम्हारी मस्ती ने मेरी जान ले ली। सच्चे दोस्त कभी ऐसे नहीं होते।”

बाज उड़ते-उड़ते जब ऊँचाई पर पहुँचा, तो अचानक उसकी पकड़ ढीली हो गई और मेंढक नीचे गिरने लगा। चूहे की रस्सी भी उसी से बंधी थी, तो वह भी मेंढक के साथ गिरने लगा। लेकिन किस्मत ने उन दोनों का साथ दिया, और वे तालाब के किनारे गिर पड़े। हालांकि दोनों बहुत थक चुके थे, फिर भी चूहा किसी तरह अपने बचाव में दौड़कर झाड़ियों में छिप गया।

चूहा बुरी तरह घायल था, लेकिन उसने खुद को संभाल लिया। मेंढक चुपचाप किनारे पर बैठा था और उसे अपनी गलती पर बहुत पछतावा हो रहा था। उसने महसूस किया कि उसकी मूर्खता और मस्ती ने न केवल उसे खतरे में डाल दिया, बल्कि उसकी दोस्ती भी खत्म कर दी। यहाँ Hindi Story Panchtantra मे मेंढक को अपनी गलती का एहसास होता है I

अगले दिन मेंढक चूहे के घर गया। उसने सिर झुका कर कहा, “मुझे माफ कर दो। मैंने तुम्हारे साथ अच्छा नहीं किया। अब मैं समझ चुका हूँ कि सच्ची दोस्ती में मस्ती नहीं, बल्कि भरोसा और देखभाल होती है। अगर तुम मुझे माफ कर सकते हो, तो मुझे एक और मौका देना।”

और पढ़े >> दो मेंढको की कहानी

चूहे ने उसे देखा और गहरी सांस लेते हुए कहा, “मेंढक, मैं तुम्हें माफ कर देता हूँ, पर आगे से याद रखना कि दोस्ती में विश्वास बहुत जरूरी है।”

मेंढक ने वादा किया कि अब से वह हमेशा अपने दोस्तों का ख्याल रखेगा और कभी भी अपनी शरारत में किसी की जान खतरे में नहीं डालेगा।

सीख : यह Hindi Story Panchtantra हमें सिखाती है कि दोस्ती का मतलब सिर्फ मस्ती करना नहीं है। दोस्ती का मतलब एक-दूसरे की सुरक्षा, सम्मान और देखभाल करना है। इस घटना के बाद दोनों फिर से दोस्त बन गए। पर इस बार उनकी दोस्ती पहले से भी मजबूत हो गई, क्योंकि अब वे दोस्ती का सही मतलब समझ चुके थे।

Leave a Comment